Followers

Wednesday, 21 April 2021

केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं 🏵️🏵️

 केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं  🏵️🏵️

☛ योजना.             :-  हृदय योजना 
☛ प्रारंभ तिथि        :-  21 जनवरी 2015                      
☛ उद्देश्य                 :-  भारत के प्राचीन 12 नगरों के        सर्वाेन्मुखी विकास एवं ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए

☛ योजना             :-  बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं                       
☛ प्रारंभ तिथि       :-   22 जनवरी 2015                       
☛ उद्देश्य                 :-  लड़कों की अपेक्षा लड़कियों की संख्या कम होने के कारण बढ़ते लिंगानुपात को कम करने पानीपत (हरियाणा) के लिए

☛ योजना             :-  सुकन्या समृद्धि योजना                       
☛ प्रारंभ तिथि       :-  22 जनवरी 2015                      
☛ उद्देश्य                 :-  माता-पिता, लड़की के नाम से 10 वर्ष से कम आयु में बैंक खाता खोल सकेंगे।
https://youtu.be/GDIPLaAqfLY
☛ योजना             :-  मिशन इन्द्रधनुष                       
☛ प्रारंभ तिथि      :-  दिसम्बर 2014                       
☛ उद्देश्य                 :-  सात टीका निवारणीय बीमारियों डिफ्थीरिया, काली खाॅसी, टिटनेस, पोलियो, टी. बी. खसरा और हेपेटाइटिस ‘बी’ का 2020 तक ऐसे सभी बच्चों का टीकाकरण करना है, जिन्हें आंशिक रूप से टीका लगा है या इससे वंचित है।

☛ योजना             :-  मृद्रा स्वास्थ्य कार्ड योजना                       
☛ प्रारंभ तिथि      :-  19 फरवरी 2015   (सूरतगढ़, श्रीगंगानगर)                        
☛ उद्देश्य                 :-  पोषक तत्वों और उर्वरकों के उचित उपयोग से उत्पादकता में सुधार लाकर किसानों की मदद करना।

☛ योजना             :-  प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना                       
☛ प्रारंभ तिथि       :-  2015                      
☛ उद्देश्य                 :-  युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें कुशल श्रमिक बनाया जा सकेगा।

☛ योजना             :-  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना                       
☛ प्रारंभ तिथि       :-  8 अप्रैल 2015 (नई दिल्ली)                      
☛ उद्देश्य                 :-  असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारियों के लिए वित्त एवं पुनिर्वित्त की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु।

☛ योजना             :-  अटल पेंशन योजना                       
☛ प्रारंभ तिथि       :-  9 मई 2015                      
☛ उद्देश्य                 :-  पेंशन के प्रावधान वाली योजना (18-40 वर्ष आयु वर्ग के लिए)

Saturday, 17 April 2021

भारत के प्रमुख वाद्ययंत्र और उनके वादक

भारत के प्रमुख वाद्ययंत्र और उनके वादक
══━━━━━━━✧❂✧━━━━━━━══

सितार ➭ पं. रविशंकर, उमाशंकर मिश्र, बुद्धादित्य मुखर्जी, विलायत खां, शाहिद परवेज, वंदेहसन ।

सरोद  ➭ अमजद अली खां, अलाउद्दीन खां, अली अकबर खां, विश्वजीतराय चौधरी, मुकेश शर्मा, बुद्धदेवदास गुप्ता ।
संतूर

संतूर ➭ शिवकुमार शर्मा, भजन सोपारी 

शहनाई ➭ बिस्मिल्ला खां, अली अहमद, हुसेन खां, दयाशंकर जगन्नाथ ।

बाँसुरी ➭ हरिप्रसाद चौरसिया, पत्रालाल घोष, राजेन्द्र कुलकुणीं, वी. कुंजमणि ।

तबला ➭ जाकिर हुसैन, अल्ला रखा खां, गुदई महाराज, किशन महाराज, लतीफ खां, सुखविंदर सिंह ।

वायलिन ➭ टीएन. कृष्णन, डॉ. एन. राजम, एल. सुब्राह्मण्यम् ।

पखावज ➭ गोपाल दास, ठाकुर लक्ष्मण सिंह, छत्रपति सिंह, रहमान खां ।

रूद्रबीणा ➭ उस्ताद सादिक अली खां, असद अली खां ।

घटम ➭ टी०एच० विनायकराम, ई०एम० सुब्रमण्यम

वीणा ➭ एस. बालचंद्रन, कृष्ण भागवतार, बदरुद्दीन डागर ।
 
सारंगी ➭ शकूर खान, पंडित राम नारायण, रमेश मिश्रा, सुल्तान खान

मृदंग ➭ ठाकुर भीकम सिंह, जगदीश सिंह, पालधार रघु ।

Tuesday, 13 April 2021

चित्रकार रामकुमार

रामकुमार भारत के एक कलाकार और लेखक थे। भारत के सर्वश्रेष्ठ अमूर्त चित्रकारों में उनकी गणना होती है। 
जन्म की तारीख और समय: 23 सितंबर 1924हिमाचल प्रदेश
मृत्यु की जगह और तारीख: 14 अप्रैल 2018दिल्ली

पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात चित्रकार एवं प्रसिद्ध लेखक रामकुमार का आज सुबह यहां अपने निवास पर निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। उनके परिवार में एक पुत्र है जो ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। उनका अंतिम संस्कार यहां निगमबोध घाट पर ढाई बजे दिन में किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की राजधनी शिमला में 1924 में जन्मे रामकुमार हिंदी के मशहूर लेखक निर्मल वर्मा के बड़े भाई थे। 

प्रसिद्ध कला समीक्षक एवं रामकुमार के मित्र प्रयाग शुक्ल ने यूनीवार्ता को बताया कि राम कुमार पिछले 20 दिन से राजधानी के पटपडग़ंज इलाके में स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। वह विश्व विख्यात चित्रकार एमएफ हुसैन, तैयब मेहता और सैयद हैदर रजा के आत्मीय मित्र थे। उनके निधन से आधुनिक भारतीय चित्रकला का एक प्रमुख स्तंभ ढह गया। प्रसिद्ध संस्कृति कमीज़् अशोक वाजपेयी, कला समीक्षक विनोद भारद्वाज, प्रसिद्ध लेखक गिरिधर राठी समेत कई लेखकों, चित्रकारों ने रामकुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

सेंट स्टीफन कालेज से पढ़े रामकुमार ललित कला अकेडमी के फेलो भी थे। उनकी पेंटिंग हुसैन तैयब मेहता की तरह करोड़ो रुपये में बिकती थी। वह अपने अमूर्त चित्रों के लिए जाने जाते थे। उनकी अपनी अलग शैली थी। वह साठ के दशक के चर्चित कहानीकार भी थे। उनकी चित्रों की प्रदर्शनी दुनिया के कई देशों में लगी थी।
 कुछ लोगों का हर काम अनूठा होता है। रामकुमार उनमें से एक थे। कहानियां लिखीं तो अनूठी। चित्र बनाए तो अनूठे। वे एक जलते हुए मशाल की तरह थे, जिनकी रोशनी में कई कलाकारों ने अपने-अपने रास्ते देखे। रामकुमार नहीं रहे। कथा और कला की दुनिया में उनकी उपस्थिति ने परंपरा का निर्माण किया था। बनारस पर बनाए उनके चित्रों की लंबे समय तक चर्चा होती रही, लेकिन बाद के चित्रों में भी किसी देश या शहर की यात्रा का प्रभाव दिखता रहा। यह बात अलग है कि अमूर्त शैली की वजह से हमने उन चित्रों को किसी खास शहर से जोड़कर नहीं देखा। प्रकृति उनके बनाए चित्रों में एक अलग ढंग से आती रही। उन्होंने कभी प्रकृति का वास्तविक चित्रण तो नहीं किया, मगर अहसास हमेशा तीव्र रहा। चटकीले रंगों से बचते हुए जगहों का जैसा इंप्रेशन उनके कैनवस पर दिखता है, वह उन्हें दूसरों से अलग रखता है। इस

कथाकार-कलाकार के चित्रों की सबसे बड़ी विशेषता यही थी कि पाठक से संवाद में इनकी कला आत्मीय-सी लगती थी। उनके आकार संवाद की स्थिति बनाते रहे और उसमें हम संवेदना पाते रहे। वे संकोची स्वभाव के थे। अपनी रचनाओं पर खुद बात करने में उन्हें एक झिझक-सी होती थी, लेकिन कला पर बहस के पक्षधर थे। सर्दियों की सुबह उन्हें बहुत पसंद थी। कहते थे, "आकाश खुला-खुला लगता है, मुक्ति-सी महसूस होती है।" बरसों पेरिस में रहे।

छोटे भाई और मशहूर साहित्यकार निर्मल वर्मा के न रहने के बाद, कई बार की बातचीत में उनके अंदर एक खालीपन का अहसास होता था। हाल के दिनों में वह दिल्ली में रह रहे थे। उनके अब न रहने पर ऐसा लगता है, मानो एक ऐसा कलाकार चला गया, जिनकी आंखें और दिल हमेशा एक नए शहर की तलाश करते थे। 1924 में शिमला में जन्मे रामकुमार मशहूर लेखक निर्मल वर्मा के बड़े भाई थे। अपने समकालीन चित्रकारों एम.एफ. हुसैन, तैयब मेहता और सैयद हैदर रजा की तरह रामकुमार भी प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप से जुड़े हुए थे।

Friday, 2 April 2021

Bauddha sangitiya ,बौद्ध सगितिया

 बौद्ध संगीतियांः स्थान, अध्यक्ष, शासनकाल

══━━━━━━━✧❂✧━━━━━━━═
🔴Art-gyan-kala 👉https://youtube.com/c/ArtGyankala
╭─❀⊰╯प्रथम बौद्ध संगीति”
╨──────────────━❥

https://youtube.com/c/ArtGyankala

◎ स्थान ➛ राजगृह (सप्तपर्णी गुफा)
◎ समय ➛ 483 ई.पू.
◎ अध्यक्ष ➛ महाकस्सप
◎ शासनकाल ➛ अजातशत्रु (हर्यक वंश) के काल में ।
◎ उद्देश्य ➛ बुद्ध के उपदेशों को दो पिटकों विनय पिटक तथा सुत्त पिटक में संकलित किया गया।

╭─❀⊰╯“द्वितीय बौद्ध संगीति”
╨──────────────━❥


https://youtube.com/c/ArtGyankala
◎ स्थान ➛ वैशाली
◎ समय ➛ 383 ई.पू.
◎ अध्यक्ष ➛ साबकमीर (सर्वकामनी)
◎ शासनकाल ➛ कालाशोक (शिशुनाग वंश) के शासनकाल में।
◎ उद्देश्य ➛ अनुशासन को लेकर मतभेद के समाधान के लिए बौद्ध धर्म स्थापित एवं महासांघिक दो भागों में बँट गया।

╭─❀⊰╯ “तृतीय बौद्ध संगीति”
╨──────────────━❥
https://youtube.com/c/ArtGyankala
◎ स्थान ➛ पाटलिपुत्र
◎ समय ➛ 251 ई.पू.
◎ अध्यक्ष ➛ मोग्गलिपुत्ततिस्स
◎ शासनकाल ➛ अशोक (मौर्यवंश) के काल में।
◎ उद्देश्य ➛ संघ भेद के विरुद्ध कठोर नियमों का प्रतिपादन करके बौद्ध धर्म को स्थायित्व प्रदान करने का प्रयत्न किया गया। धर्म ग्रन्थों का अंतिम रूप से सम्पादन किया गया तथा तीसरा पिटक अभिधम्मपिटक जोङा गया।

╭─❀⊰╯ “चतुर्थ बौद्ध संगीति”
╨──────────────━❥
https://youtube.com/c/ArtGyankala
◎ स्थान ➛ कश्मीर के कुण्डलवन
◎ समय ➛ प्रथम शता. ई.
◎ अध्यक्ष ➛ वसुमित्र
◎ उपाध्यक्ष ➛ अश्वघोष
◎ शासनकाल ➛ कनिष्क (कुषाण वंश) के काल में।
◎ उद्देश्य ➛ बौद्ध धर्म का
Q.gsjskosev msodjshus Judd sjosoedghd 


A.gsjsoodbks snag sjskdp skshsb smskidgs sjjsvbks

Q jeoelsheks ask sjws sjws did s skd dks and she 

A. Jsoshjslslsb skslshhms
Hskskjsjsksooegs sjshe asks djdvf doc did did djdofhd DOD did did did did dk.