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Sunday, 26 December 2021

पढ़ाई मे सफलता कैसे मिले

ऐसे ही हालातों से गुजर कर मिलती है कामयाबी
और लोग एक पल में कह देते हैं कि किस्मत अच्छी थी..

लोअर क्लास और मिडिल क्लास के सबसे निचले पायदान पर मौजूद, सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे लाखों आकांक्षीयो की कहानी जो MBA, इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं अन्य प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करने में असमर्थ होते हैं।

उन्हें उनके घरवालों से सिर्फ महीने का मकान किराया, घर के खेत में उपजी धान का चावल एवं गेहूं का आटा, गैस भराने के लिए एवं लुसेंट किताब खरीदने के रुपए ही मिल सकता है।

उनके सामने इन सीमित संसाधनों से महीने निकालने की चुनौती पहले से बनी रहती है। इस दौरान खाना बनाने में कितना कम से कम समय खर्च हो इसका भी ध्यान रखना होता है। दाल भात एवं आलु का चोखा एक ही समय में एक साथ कैसे बनता है ये सिर्फ इनको पता है।

छात्र जीवन वह जन्नत है जहां आप सिर्फ शिक्षा प्राप्त नही करते बल्कि जीवन जीने का ढंग भी प्राप्त करते हैं।
"बस कुछ ही दूर तो है" बोलकर पैदल ही सफर तय करके कुछ पैसे बचा लेने वाला अनुभव, 5 रुपए की चाय बाहर पीने से अच्छा 5 रुपए पैकट वाला दूध लेकर तीन कप चाय बनाने वाला विश्वास, 20 रुपए में सभी सब्जियों का आनंद लेना, या फिर 100 ग्राम पनीर और 10 रुपए की मटर की पार्टी का लुफ्त उठाना, किलो के भाव मिलने वाली वाली कॉपी खरीद कर पैसे बचाना.. इन सब का अपना अलग ही आनंद है. खाना जल गया हो या सब्जी में नमक कम हो या फिर चावल पका ही न हो, खाते समय सभी का स्वागत ऐसे किया जाता है मानो किसानों के मेहनत को कद्र करने का ठेका इन्हें ही मिला हो।

मां बाप के दर्द को अपने सपनों में सहेजना कोई इनसे सीखे।
जिस समय जमाने को बाइक, आइफोन, फिल्में इत्यादि का आने का इंतजार रहता है उस समय इन्हें प्रतियोगिता दर्पण, वैकेंसी, रिजल्ट आदि का इंतजार रहता है।

जहां आज भी समाज में जात-पात, धर्म, संप्रदायिकता का जहर विद्यमान है वहीं इनके कमरे में एक ही थाली में विभिन्न जाति एवं धर्मों का हाथ निवाले को उठाने के लिए एक साथ मिलता है। इससे बढ़िया समाजिक सौहार्द का उदाहरण कहीं और मिल ही नहीं सकता।

कुल मिलाकर इनका एक ही लक्ष्य है परीक्षा को पास कर मां बाप को वो सब कुछ देना जिसके लिए वो एक दिन तरसे थे।
मुझे गर्व है ऐसे लड़कों पर जो अपने सपनो को  मंज़िल तक ले जाने में सफल होते है।
🙏💐🙏🏼💐🙏🏼💐🙏🏼💐artgyankala 

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