यूक्रेन की कलाकार स्वेतलाना टेलेट्स ने वैसे तो खूब सारी ऐसी तस्वीरें बनाईं, जो ख्यात हुईं, लेकिन एक पेंटिंग की काफी चर्चा होती है. The Rain Woman शीर्षक से इस तस्वीर में बारिश के बीच एक स्त्री की आकृति दिखती है. काले और सफेद रंगों के बीच हल्के हरे रंग की झलक भी है. इस पेंटिंग के बारे में कलाकार का कहना है कि उसने सिर्फ 5 घंटे में ये तस्वीर बना डाली. उस वक्त के बारे में स्वेतलाना ने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे कोई हाथ पकड़कर तस्वीर बनवा रहा हो. इस पेंटिंग को कई लोगों ने ऊंची कीमत पर खरीदा लेकिन घर ले जाकर सजाने के कुछ घंटों या दिनों बाद हर कोई उसे वापस करने आ गया. लोगों का कहना था कि पेंटिंग को ड्रॉइंगरूम में रखते ही घर में उदासी छा गई. लोगों को नींद आनी बंद हो गई और हर जगह पैरानॉर्मल चीजें नजर आने लगीं.
सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात करते हुए रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty on Sushant Singh Rajput death ) ने एक पेंटिंग का जिक्र किया था. रिया का कहना है कि यूरोप ट्रिप के दौरान उस पेंटिंग को देखने के बाद से सुशांत असामान्य व्यवहार करने लगे. उस पेंटिंग में शनि अपने ही नवजात बेटे को खा रहा (Saturn devouring his son) है. ये वास्तव में काफी डिस्टर्ब करने वाली कलाकृति है. वैसे कई सारी पेंटिंग्स हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें देखने वाला परेशान हो जाता है. कई ऐसी पेंटिंग्स भी हैं, जिन्हें थोड़ी देर देखने पर ही लोगों ने पैरानॉर्मल चीजों की बात शुरू कर दी. जानिए, दुनियाभर की कुछ सबसे खौफनाक पेंटिंग्स के बारे में.
Love Letters' Replica नाम की एक पेंटिंग भी लोगों को डराती है. इसमें एक प्यारी-सी बच्ची हाथों में गुलाब और एक हाथ में लिफाफा पकड़े हुए है. सुनहरे बालों वाली बच्ची की उम्र चार-पांच साल के आसपास है. बच्ची की तस्वीर के पीछे एक सच्ची कहानी है. चार साल की ये बच्ची समंथा हॉस्टन एक अमेरिकी सीनेटर की बेटी थी, जो उसी उम्र में सीढ़ियों से गिरने पर बुरी तरह से घायल हो गई और अस्पताल में जिसकी मौत हुई. साल 1887 में उसकी पेंटिंग बनाई गई और प्रदर्शनी में लगी लेकिन आनन-फानन में उसे हटाना पड़ा. देखने वालों का कहना था कि पेंटिंग को 1 मिनट भी देखने पर उसके भाव बदलते दिखते हैं. कई लोगों ने पेंटिंग देखने के बाद उसकी तरह बच्ची को खेलता देखा.
कलाकार लौरा पी की एक तस्वीर The Stagecraft अभिशापित कहलाती है. इस पेंटिंग को कलाकार ने एक फोटोग्राफर की तस्वीर से प्रेरित होकर बनाया था. हालांकि फोटोग्राफर ने तस्वीर देखने के बाद बताया कि उसकी ली फोटो में तो गाड़ी के पास कोई आदमी खड़ा था ही नहीं. ये सच था. लेकिन लौरा ने भी खुद अपनी तस्वीर में कोई आदमी नहीं बनाया था, तब भी पेंटिंग में गाड़ी के पास एक आदमी खड़ा दिखता है. लौरा ने ये पेंटिंग एक दफ्तर में रखवाई, वहां लगातार गड़बड़ियां होने लगीं. पेपर गायब होने लगे. लगातार कई सालों तक ये हर खरीदार के साथ मुश्किलें लाती रहीं. लोग कटे सिर के आदमी को घूमता देखते. आखिरकार पेंटिंग को जलाना पड़ा.
इटली के कलाकार ब्रूनो एमेडियो ने अनाथालय के ढेरों चक्कर लगाए और वहां के बच्चों का दर्द करीब से देखा. ऐसे ही 65 रोते हुए बच्चों की ब्रूनो ने तस्वीरें बनाईं. ये दूसरे विश्व युद्ध के दौर की बात है. लाखों बच्चे कम उम्र में अनाथालय पहुंच चुके थे और एक-दूसरे की भाषा तक नहीं जानते थे. इन बच्चों की पेंटिंग्स की बाद में प्रदर्शनी लगी और वे निजी खरीददारों को बेच दी गई. इनमें से एक पेंटिंग को The Crying Boy नाम दिया गया. बाद में इसे ब्रिटेन में अभिशापित पेंटिंग के तौर पर जाना जाने लगा. इसे रखनेवालों के साथ अजीबोगरीब बातें होने लगीं. खासकर पेंटिंग के प्रिंट जहां भी होते, वहां आग लग जाती. कहा जाता था कि पेंटर ने बच्चे को रुलाने के लिए उसकी आंखों के सामने माचिस की तीली जलाई हुई थी.
इसी तरह से एक पेंटिंग The Anguished Man को दुनिया की सबसे डरावनी और भुतहा पेंटिंग कहते हैं. इसे किसने बनाया, ये किसी को नहीं पता लेकिन कलाकार ने इसे अपने या किसी के खून से बनाया था. सीन रॉबिन्सन नाम के शख्स को ये पेंटिंग अपनी मृत दादी के संदूक से मिली. इसे देखने के बाद से ही सीन के साथ हादसे होने लगे. उसे लगातार आवाजें सुनाई पड़तीं, खाली घर में अजनबी चेहरे दिखते. इसका रहस्य जानने की कई लोगों ने कोशिश की लेकिन सबके साथ कोई न कोई ऐसी डरावनी घटना हुई की वे पीछे हट गए. खुद सीन ने पेंटिंग किसी को न बेचने का निश्चय किया और उसे किसी अज्ञात जगह पर छिपा दिया. वैसे इंटरनेट पर इसके प्रिंट मिल रहे हैं लेकिन वे सेफ हैं. मुश्किल असली पेंटिंग के साथ है, जिसे अभिशप्त कहा जाता है.

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