@:-गूलर शैली की स्थापना हरिपुर राज्य से शुरू होती है
जो कि हरिपुर राज्य की स्थापना 1405 ईस्वी में राजा उदय सिंह के द्वारा होता है।
@:-गुलेर शैली की स्थापना 1406 इसवी में राजा उदय सिंह के भाई राजा हरिश्चंद्र द्वारा होता है।
@:-गुलेर शैली को मुगलों द्वारा संरक्षण प्राप्त हुआ था यानी गुले शैली की स्थापना में मुगल बहुत बड़ा सहयोग किए थे।
@:-गुलेर शैली का विकसित रूप कांगड़ा शैली है यानी गुलेर शैली धीरे-धीरे विकसित होते होते कांगड़ा शैली के रूप में आ गया।
चित्रण:-
गोल पहाड़ियों का चित्रण हुआ है।
कहीं-कहीं सूखे पत्तों वाले वृक्षों का अंकन हुआ है।
गदली यानी केले का वृक्ष का अंकन हुआ है।
चित्र:-
राजा विक्रम सिंह हाथी पर बैठे हुए। (जो विक्रम सिंह के समय बना था)
रामायण पर आधारित 14 चित्र जो दिलीप सिंह के समय बना था।
सबसे प्रमुख चित्रों में राजा गोवर्धन अपने बेटे प्रकाश सिंह के साथ हुक्का पीते हुए जो 1750 ईसवी में बना था।
शासक:-
:-राजा हरिश्चंद्र
:-राजा रूपचंद
:-राजा मानसिंह (जिन्हें मुगलों द्वारा अफगानी चिता की उपाधि प्राप्त हुई थी)
:-राजा विक्रम सिंह (चित्र:-राजा विक्रम सिंह हाथी पर बैठे हुए।)
:-राजा राज सिंह
:-राजा प्रकाश सिंह
:-राजा दलीप सिंह (रामायण पर आधारित 14 चित्र बनवाएं)
चित्रकार:-
मंकू और नयनसुख यह दो चित्रकार रहे। यह दोनों पंडित शिव के पुत्र थे जो कि वह भी खुद एक चित्रकार थे।
विषय:-
धार्मिक दरबारी नायिका व्यक्ति चित्र

No comments:
Post a Comment