दरअसल, दीवारों पर यह कलाकारी खास ‘सन एक्टिवेटेड स्मॉग क्लीनिंग पिग्मेंट’ से की गई है। धूप खिलते ही इस पेंट में मौजूद कण कार्बन डाइऑक्साइड सहित अन्य जहरीले तत्वों को सोखने लगते हैं। वारसा में एक मेट्रो स्टेशन के सामने वाली इमारत पर बने फूलों के भित्ती चित्र संग सेल्फी खींचने के लिए लोगों की लाइन लगी रहती है।
खेल कंपनी का अभियान-
-‘सिटी-फॉरेस्ट अभियान’ की शुरुआत खेल कंपनी कॉन्वर्स ने की है। इसके तहत टाइटेनियम डाइऑक्साइड और फोटोकैटेलिटिक पेंट से भित्ति चित्र बनाए जाते हैं। ये तत्व वायुप्रदूषकों को आकर्षित कर एक रासायनिक प्रक्रिया के जरिये नाइट्रेट में बदलते हैं, जो ज्यादा नुकसानदायक नहीं है।
सैकड़ों पेड़ों जितना फायदा-
-बताया जा रहा है कि हर भित्ती चित्र 720 पेड़ों के बराबर जहरीले तत्व नष्ट करने की कूव्वत रखता है। अभियान के तहत कई देशों में भित्ति चित्र कला बनाने की योजना है। इनसे करीब तीन लाख पेड़ों जितना फायदा हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
पोलिश कलाकारों ने उकेरी डिजाइन-
-पोलिश कलाकार मैकिएक पोलाक और डेविड रिस्की ने भित्ती चित्र की तस्वीरें डिजाइन की हैं। स्थानीय कलाकार हव हब के ‘गुड लुकिंग स्टूडियो’ ने तस्वीरों को दीवार पर उकेरा है।
कला के साथ संदेश भी-
-भित्ती चित्रों के साथ बेहद प्रेरणादायक संदेश भी लिखे गए हैं। वारसा में बने भित्ती चित्र पर ‘क्रिएट टूगेदर फॉर टुमॉरो’ लिखा नजर आता है। निर्माताओं को यकीन है कि यह संदेश पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने के साथ ही कोरोना के चलते तनाव से जूझ रहे लोगों में उम्मीद की नई किरण भी जगाएगा।
बैंकॉक में शुरू हुई थी पहल-
-बैंकॉक (थाईलैंड) के बाद वारसा दूसरा शहर है, जहां इमारतों पर पर्यावरण संरक्षण में मददगार भित्ती चित्र उकेरे गए हैं। बेलग्रेड, लीमा, सिडनी, जकार्ता, मनीला, साओ पाउलो, सैंटियागो, जोहानिसबर्ग, मेलबर्न, बोगोटा और पनामा सिटी समेत 13 अन्य शहरों में भी ऐसे चित्र बनाने की योजना है।
अन्य कंपन भी उठा रहीं कदम-
-कॉन्वर्स अकेली ऐसी कंपनी नहीं है, जो हवा में घुले जहर को सोखने के लिए खास तरह के पेंट का इस्तेमाल कर रही है। डच डिजाइनर स्टूडियो रूसेगार्डे ने मॉन्टेरी (मेक्सिको) में फोटोकैटेलिटिक पेंट की मदद से खास बिलबोर्ड बनाए हैं। हर बिलबोर्ड छह घंटे में 30 पेड़ों के बराबर हानिकारक तत्व सोख सकता है। यह पांच साल तक हवा में घुले जहर को नष्ट करने की क्षमता रखता है।

No comments:
Post a Comment