• नाम - रविशंकर रावल
• जन्म - 01. 08. 1892
• स्वर्गवास - 09. 12. 1977
• जन्म स्थान - भावनगर, गुजरात
• कला शिक्षा - मुम्बई आर्ट सोसायटी व
सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स, मुम्बई
• विशेष सम्मान - पद्म श्री, रणजीतराम स्वर्ण चक्र व
गुजरात ललित कला अकादमी द्वारा फैलोशिप
जैसे सम्मानों से अलंकृत
• चित्र संग्रह - विदेश के संग्रहालयों व राष्ट्रीय आधुनिक कला
गुजरात आधुनिक कला आन्दोलन के प्रथम पंक्ति
के विख्यात चित्रकार, कला शिक्षक, समीक्षक व -
पत्रकार "रविशंकर रावल" ... के बिना समकालीन
गुजरात की यात्रा की कहानी सचमुच बेमानी ही है
इन्हें जहां एक और ...... गुजरात कलागरु के नाम
से कला जगत जानता है ...... वही अहमदाबाद में
कला शिक्षा आरंभ करने व .... तब की सुविख्यात
मैगजीन के साथ जुड़ने और .. इसी से प्रेरित होकर
विख्यात साहित्यिक पत्रिका "कुमार" के संस्थापक
के रुप में भी विशेष ख्याति अर्जित की हैं -"कुमार"
पत्रिका का गुजराती कलाओं पर बहुत प्रभाव देखा
जाता है साथ ही इनके द्वारा चित्रित किए गए चित्रों
का उपयोग भी सर्वाधिक रुप से .... इस पत्रिका के
लिए किया गया ........ इनके चित्रों के मुख्य विषय
धार्मिक - सामाजिक कथाओं के कथा चित्र दृश्यों -
के रुप में हुआ करतें थे ..... अपनी संघर्षपूर्ण कला
यात्रा के साथ साथ उन्होंने गुजरात में ... आधुनिक
कला व कला शिक्षा के लिए ... एक मार्गदर्शक की
अहम भूमिका भी अदा की ..... इनके चित्रों में एक
प्रकार की विशुद्ध भारतीयता झलकती थी ... और
यही झलक उनकी चित्र शैली की विशेषता भी बनी
अनेकों समीक्षात्मक लेखो के साथ .. अपनी आत्म
कथा सहित •अजन्ता के कला मण्डप •कलाचिन्तन
• कलाकार की संस्कार यात्रा • कलाकार की कलम
से • मै दिठा नवा मानवी जैसी पुस्तकों का सुंदर ...
लेखन कार्य भी ... कुशलता पूर्वक सम्पन्न किया है
..... "गुजरात" प्रदेश के ऐसे विशेष प्रतिभा सम्पन्न
चित्रकार के ..... कुछ प्रतिनिधि चित्रों को "गुजरात"
के विख्यात हस्ताक्षर चित्र श्रृंखला के तहत - साझा
• मुख्य चित्र सृजन -
- स्वयं के सेल्फ पोट्रेट
- नरसिंह मेहता की कथाओं के चित्र
- गुजरात में कला का प्रादुर्भाव
• सचेत रहें : मास्क पहनें : स्वस्थ रहें
• सर्वे भवन्तु सुखिन - सर्वे सन्तु निरामया
• पोस्ट के सभी फोटोग्राफ गूगल से केवल विषय को समझने
के लिए गए हैं, इनका किसी प्रकार के प्रचार प्रसार से इसका

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